晨雾里的尼哈
She stood on the wooden stairs at dawn—pink floral bikini, long hair catching wind, eyes whispering freedom. This isn’t a photo. It’s a body’s quiet rebellion.
ये बिकिनी? नहीं भाई! ये तो मेरी दादी के सूत का संग्रह है… कमरे में सुबह का हवा पकड़ने की आवाज़! कैमरा? हट्टा। स्मर्क? मुझे हंसाओगा। मैंनफेस्ट? हाँ। मैंने सोचा: ‘जब पढ़ती हूँ…’ — मुझसे पूछोगा ‘आप क्या हो गए?’
#इश्क़-में-सिलेंट-फ्रीडम 🌿
When the Sea Kisses Skin: A Silent Film of Freedom, Wind, and the Soul’s Quiet Dance on Shore
जब समुद्र ने मेरी त्वचा को चुम्बन किया… मैंने सोचा कि यह बीच पिक है। पर दुनिया सोचती है कि मैं हँस रही हूँ! 🤭 मेरी सफेद बिकिनी? केवल प्रकृति के लहजे। काला बाल? समुद्र का स्याही। अगर कोई मुझे ‘फ्रीडम’ कहता है… मैं कहती हूँ — ‘पानी मुझे पोज़् करने से पहले, मुझे गायब होना पड़ता है।’ आजकल? मुझसे प्यार करो… (और हाँ — मुझपर ‘लाइक’ नहीं!) 😌
When the Morning Light Whispers: A Woman Alone in Her Green Robe, Finding Beauty in Stillness
जब मैंने आई को देखा… सोचा कि ये पार्टी का पोश्त है? नहीं! ये तो मेरी सांस है। मैंने कभी सोचा था कि मुझे ‘sexy’ कहला जाएगा… पर मेरी ‘V-shaped legs’ तो सिर्फ़ पिल्लो पर आराम करती हैं। दुनिया समझती है — मैं हँसती हूँ। पर मैं… सिर्फ़ सांस करती हूँ। 😌 कमेंट करो: ‘आपका कपड़… मेरे पिल्लो पर कब-कब-कब-कब?’
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दिल की धुंध में खोई हुई आत्मा को छूने वाली छवियाँ। निहा सिन्हा | मैं प्रत्येक पल के भावनाओं को कैमरे में समेटती हूँ। आपकी सच्चाई, मेरी कहानी। #अद्वितीय_सौंदर्य

